कोराजन कीटनाशक का उपयोग कैसे करें?


कोराजन कीटनाशक का उपयोग (Coragen Insecticide Use In Hindi) इसका उपयोग फसलों और सब्जियों में किया जाता है यह पौधों में फूलों की संख्या में भी वृद्धि करता है । इसकी उपयोग की मात्रा (Dose) 60ml per acre के हिसाब से होती है जिसको 150 से 200 लीटर पानी में मिक्स करके छिड़काव करना होता है 
कोराजन क्या है (Coragen Kya Hai) कोराजन एक ब्रॉड स्पेक्ट्रम कीटनाशक जो फसलों को लंबे समय तक कीट और इललियों से बचा कर रखता है। इसका उपयोग हम विभिन्न प्रकार के फलों और सब्जियों में कर सकते हैं और इसका सबसे अच्छा परिणाम गन्ने की फसल में देखने को मिलता है। Koragen kitnashak को एफएमसी कंपनी द्वारा निर्मित किया जाता है जो पहले ड्यूपॉन्ट कोराजन के नाम से आता था। Koragen कीट के सेंट्रल नर्वस सिस्टम को ब्लॉक कर देता है जिससे कीट मर जाता है और इसका असर पौधों पर 45 दिनों तक रहती है और ज्यादा तापमान में इसका असर कम होने लगता है यह कुछ हद तक हाफ़र, मिलीबग, Aphids को भी कंट्रोल कर लेता है । कोराजन तकनीकी नाम (Coragen Technical Name)
कोराजन तकनीकी नाम (Coragen Technical Name) इसका Chemical Composition पानी में घुलनशील होता है जो सफेद रंग के गाढ़े फ्रॉम में द्रव रूप में होता है जिसका Technical Name – Chlorontroniliprole 18% SC है।
कोराजन क्या काम करता है (Korajen How Works)
यह फसलों में विभिन्न प्रकार के कीटों से रक्षा करता है और पौधों को कीटों से बचाए रखता है Dupont corageen के छिड़काव से फसलों में लगने वाले कीट के सेंट्रल नर्वस सिस्टम को ब्लॉक कर देता है जिससे कीट की मृत्यु हो जाती है।
यह निम्न प्रकार के कीटों से फसलों की रक्षा करता है
Fall armyworm cotton bollworm corn earworm corn borer armyworm moth cabbage looper hoppers stem robbers semilupers
कोराजन कीटनाशक का उपयोग (Coragen Insecticide Use In Hindi)
इसका उपयोग फसलों और सब्जियों में किया जाता है यह पौधों में फूलों की संख्या में भी वृद्धि करता है ।
इसकी उपयोग की मात्रा (Dose) 60ml per acre के हिसाब से होती है जिसको 150 से 200 लीटर पानी में मिक्स करके छिड़काव करना होता है
. और इसको विभिन्न प्रकार के पौधों जैसे मूंग, चना, गेहूं, धान, गन्ना, उड़द, सोयाबीन, मक्का, बैगन, टमाटर और विभिन्न प्रकार की सब्जियों मे करते हैं। इसका सबसे बेहतरीन रिजल्ट गन्ने की फसल में देखने को मिलता है इसके उपयोग से गन्ना लंबा और मोटा होता है।
कोराजन कीटनाशक का उपयोग टॉनिक, कीटनाशक, फफूंद नाशक के साथ मिक्स करके स्प्रे कर सकते हैं।
खरपतवार में मिक्स करके कभी उपयोग ना करें।
कोराजन कीटनाशक के नुकसान (FMC Korajan Ke Nuksan)
कोई भी कीटनाशक दवाई का फायदे और नुकसान तो होता ही है इसी कारण अगर हम लगातार कोराजन कीटनाशक का उपयोग फसलों में में करते हैं तो मिट्टी पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है और धीरे-धीरे dawai की dose भी बढ़ती जाती है।
फायदे (Koragen kitnashak ke Fayde)
FMC corageen एक Systemic Insecticide है तो इसका upyog अगर हम फलों और सब्जियों में करते हैं तो उसके बहुत सारे फायदे हमको देखने को मिलते हैं। अगर हम एक बार कोराजन का छिड़काव कर देते हैं तो हमको लंबे समय तक फसलों में बीमारी देखने को नहीं मिलती और बार-बार अलग-अलग बीमारी के लिए दवाई की भी जरूरत नहीं पड़ती तो इसका छिड़काव करने से पौधों मे लंबे समय तक कीटों से रक्षा होती है।
गन्ने में कोराजन का प्रयोग कैसे करें कब डालें (Dupont Koragen Use In Sugarcane)
गन्ने में कोराजन का प्रयोग गन्ना लगने के तीन महीने बाद मई में per hec की दर से 375ml कोराजन कीटनाशक का 1000 Ltr पानी में अच्छे से घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए।
गन्ने में कोराजन डालते समय हम को ध्यान रखना है कि उस समय जमीन में नमी बनी रहनी चाहिए और अगर इसका upyog गन्ने लगने के 20 से 25 दिन के अंतराल में करते हैं तो गन्ने की फसल तेजी से बढ़ने लगती है।
असली कोराजन की पहचान (Asli Coragen Ki Pahchan, Original)
Koragen एक Systemic Insecticide होने के कारण काफी महंगी dawai में से एक है इसी कारण इसका बाजार में नकली कोराजन धड़ल्ले से बिक रहा है ।
जिससे कई किसान इसमे धोखा खा जाते हैं क्योंकि इसके पैकिंग में थोड़ा भी अंतर नहीं होता यह सामान्य आदमी द्वारा पहचान कर पाना काफी मुश्किल हो जाता है कई बार दुकानदार भी Original Coragen की पहचान नहीं कर पाते ।
उनको पता ही नहीं होता कि हम जो बेच रहे हैं वह Fake Coragen है तो कुछ सामान्य तरीके हैं जिससे हम असली कोराजन की पहचान कर सकते हैं।
1. आपको सबसे पहला काम जिस दुकान से खरीद रहे हैं उसका पक्की बिल लेनी बहुत जरूरी है।
2. कोराजन खरीदते समय डब्बे में बैच नंबर जरूर देखें और इसके बैच नंबर अच्छे से और स्पष्ट लिखे होने चाहिए इसमें काट छांट बिल्कुल नहीं होना चाहिए क्योंकि नकली कोराजन में बैच नंबर या तो पुराने होते हैं या तो कटे हुए होते हैं हमको एकदम इनके नंबर समझ नहीं आता।
3. असली कोराजन एफएमसी द्वारा बनाई जाती है तो डब्बे में बारकोड और उसमें लिखें FMC की लिखावट को अच्छे से चेक कर ले क्योंकि कई बार ऐसा होता है की FMC के जगह MMC भी लिखा हुआ रहता है या फिर इससे मिलता जुलता नाम लिखा हुआ होता है जिसे हम समझ नहीं पाते।
4. असली कोराजन की पहचान का और सबसे अच्छा तरीका है Coragen की डिब्बी में पैकिंग हुई झिल्ली क्योंकि आरिजिनल कोराजन में झिल्ली पूरी डिब्बी को कवर करता है और डुप्लीकेट कोराजन में ढक्कन के ऊपरी भाग में झिल्ली को फाड़ने का जगह मिल जाता है तो इससे हम पहचान सकते हैं।
5. कोराजन कीटनाशक अगर आप खरीद रहे हैं तो आप सही दुकान से ही खरीदें आपको उस दुकान के बारे में अच्छे से पता होना चाहिए कि उस दुकान से असली प्रोडक्ट ही मिलता है जिससे आप डुप्लीकेट कोराजन से बच सकते हैं ।
FAQ
Q. कोराजन दवाई क्या काम आती है?
Ans. कोराजन दवाई पौधों मैं विभिन्न प्रकार के गीतों और इन लिओ को कंट्रोल करने का काम आता है।
Q. कोराजन कब डालना चाहिए?
Ans. कोराजन फसल लगने के 25 से 30 दिनों के बाद डालना चाहिए।
Q. कोराजन कौन सी कंपनी बनाती है?
Ans. कोराजन FMC कंपनी बनाती है इससे पहले इसको Dupont बनाती थी ।
तो दोस्तों यह रही हमारे द्वारा दी गई कोराजन कीटनाशक की कंप्लीट जानकारी (Coragen Insecticide Use In Hindi) तो आपको जानकारी कैसी लगी हमें कमेंट के माध्यम से जरूर बताएं और अगर आपको जानकारी पसंद आई है तो यह जानकारी अगले किसान साथियों के साथ व्हाट्सएप मे फेसबुक में जरूर शेयर करें.
सावधानियां:-
1. किसी भी दवाई को छिड़काव करने से पहले छिड़कने वाले पात्र या स्पेयर को अच्छे से धो कर साफ़ से दवाई का छिड़काव करे!
2. किसी भी दवाई को छिड़कने से पहले अपने मुंह और हाथ को कपड़े या रुमाल से अच्छे से ढक लेवे
3. किसी भी रासायनिक दवाई को बच्चो के पहुंच से दूर रखे!
4. दवाई छिड़कने के बाद किसान भाई अपना हाथ अच्छे से धो लेवे!

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